Childrens Day : 14-Nov-15

Childrens Day 14-Nov-2015


Adi Chordia: CLASS III

बाल-दिवस १४ नवंबर को मनाया जाता है। जवाहरलाल नेहरू जी को बच्चे बहुत पसंद थे। इसलिए उनके जन्मदिन पर बाल-दिवस मनाया जाता है। हमनें स्कूल में भी बाल-दिवस मनाया। वहाँ बहुत स्टॉल्स थे। शिक्षकों ने हमें टॉफी दिए। शिक्षकों और विद्यार्थीओं के बीच में फूटबाल मैच का भी अयोजन किया था। और हमें बहुत मज़ा आया। हमारे अचार्य जी ने हमारे लिए नाश्ते का अयोजन भी किया। ये दिन हमें याद रहेगा।


Zaahra Patanwala: CLASS III

जवाहरलाल नेहरू जी को बच्चे बहुत ही पसंद थे। उनके जन्मदिन पर बाल-दिवस मनाया जाता है। बाल-दिवस १४ नवंबर को मनाया जाता है। हमारी कक्षा (Std-3) को हमने सजाया था। हमने बहुत ही अच्छा, सुंदर और बढ़िया सजाया। हमने बोर्ड़ पर चित्र बनाए। सब शिक्षकों ने स्टॉल्स बनाए। सब में अलग खेल थे। हमने नाचा और गाया। शिक्षकों और विद्यार्थीओं के बीच में फूटबाल का मैच हुआ। विद्यार्थी जीत गए। हमें बहुत मज़ा आया।


Rishabh Bajaj: CLASS V

हमारे पहले प्रधानमंत्री – पंडित जवाहरलाल नेहरू जी के जन्मदिन को बाल-दिवस के रूप में मनाया जाता है, चौदह नवंबर पर। नेहरू जी को बच्चों से खूब प्रेम था। इस दिन भारत में जगह-जगह स्कूलों में कार्यक्रम किए जातें है। हमारी स्कूल ने भी ऐसा ही कार्यक्रम किया था।

हम स्कूल गए और वहाँ हमें शुरूआत में मनपसंद चीज़ें करने दी गई। तभी ही, सारे अध्यापक और अध्यापिकाएँ यहाँ वहाँ काम कर रहे थे। हमने खेलना चालू किया। कुछ ही देर में, मैं समझ गया। हमारी स्कूल ने कई खेलों का मेला लगाया था। अब मैं समझा वह इतनी भाग-दौड़ क्यों कर रहे थे। मेरी खुशी का ठिकाना न रहा। मैं और मेरे दोस्त यहाँ वहाँ जाकर हर खेल खेलने लगे। और तो और हर खेल जीतने पर हमें एक चॉकलेट मिलती। हमने एक घंटे तक मेले का मज़ा लूटा। फिर, हमें एक घोषणा सुनाई गई जो थी, विद्यार्थीयों और शिक्षकों के बीच फुटबॉल का मुकाबला! बस, हमें और क्या चाहिए था। हमने खेलना चालू किया। हम जीत रहे थे पर हमारे आचार्य जी बीच में आकार मज़ाक में उल्टा स्कोर बताने लग जाते थे। आखिर में हम जीते। हम ऊपर गए और हमने नाश्ता किया। हम फिर नीचे गए और लड़कों और लड़कीयों के बीच बास्केटबॉल का मुकाबला हुआ। लड़के जीते। मैं मानता हूँ हमने बेईमानी की, पर वे भी दूध के धुले हुए न थे। हम खेलते गए, समय का पता ही न चला।

हमें अभी जाना था। ये मेरा सबसे यादगार बाल-दिवस था। मैंने खूब मस्ती की। मैं इसे हमेशा याद रखूँगा।


Varun Jhamvar: CLASS V

हर साल बाल-दिवस १४ नवंबर को मनाया जाता है। यह दिन हमारे पहले राष्ट्रपति पंडित जवाहरलाल नेहरू जी का जन्मदिन था। चाचा नेहरू को बच्चे बहुत पसंद थे इसलिए बाल-दिवस मनाया जाता है।

१४ नवंबर को हमने भी स्कूल में बाल-दिवस दिन मनाया। सुबह से सभी शिक्षकों ने बहुत मेहनत की थी ताकि यह दिन हम बच्चों के लिए बहुत खास रहे। सभी शिक्षकों ने अपने खेल बनाए थे जैसे की पूनम टीचर का खेल बहुत अनोखा पर मज़ेदार था क्योंकि उसमें एक गुब्बारे को रंग दिया गया था और उसे आपको निकालने का प्रयास करना था। ऐसे कई और मज़ेदार खेल थे। यह सब होने के बाद हमने शिक्षकों के खिलाफ बच्चों के बीच एक फुटबॉल का खेल खेला। हम बच्चों ने एक बहुत अच्छी जीत हासिल की। अंतिम स्कोर था, ४-३। रुतुज, अरपित, अरनव और जय ने गोल मारे। यह सब के बाद हमने नाश्ता किया और थोड़ा सा आराम किया। इसके बाद हम लड़कों ने लड़कीयों के साथ एक बास्केटबॉल का मैच खेला। हम लड़कों ने अंत में जीत हासिल की, स्कोर ८-६।

यह साल का बाल-दिवस दिन बहुत धूम-धाम से मनाया गया था। पीछले साल मैं १४ नवंबर का बाल-दिवस दिन भूल गया था। मुझे यह साल बाल-दिवस दिन पर बहुत मज़ा आया।


KANAK SARASWATE: CLASS IV

student1On 14th November is Pandit Jawaharlal Nehru’s Birthday, which is known as Children’s Day – because he loved children a lot.

We celebrated Children’s day in Caelum High School (our school)! We had a blast that day. Teachers had arranged stalls of games like ball in the bucket and many more. I loved all of the game stalls as they were so good. We also played a football match – teachers versus children. We even danced with our dance teacher – Kiran Teacher.

Then it was time for some snacks that our lovely Principal had arranged. I loved eating it. Then we played again and then it was time to go.

I love my school. We had so much fun!! I thank all my teachers for the hard work they put in for all of us. I love my Principal a lot as she does so many things for us.

I enjoyed this day a lot at school!


MURTAZA PIPARIYAWALA: CLASS IV

student2We celebrate Children’s Day because it is Pandit Jawaharlal Nehru’s birthday and he loved children.

We celebrated children’s day at our school. Our teachers had put game stalls for us and whoever won a game, got a chocolate. there were games like animal racing, ball the bucket and many more. then we played a football match against the teachers and we won.

When we went upstairs to our class, our teachers gave us food to eat. After food we went down to play again.

I learnt that our teachers do so much for us and we don’t listen to them. So I have decided that we will be good and always listen to them and I will never forget this day.